पुरुषों को होनेवाली 5 प्रमुख स्वास्थ्य समस्याएं

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    5 Top Health Problems in Men - Udta Social Official

    1900 से 2007 के दौरान पुरुषों की जीवन अवधि 46 से बढ़कर 75 हो गई । जीवन प्रत्याशा में प्रगति के बावजूद, पुरुष कुछ परिस्थितियों और रोगों के लिए अब भी खतरे में हैं।

    एक बार जब लोग 30 के दशक के अंत में आते हैं, तो वे विभिन्न स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में चिंता करना शुरू कर देते हैं। आइए पुरुषों को होने वाली 5 प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल करें:

     

    1. दिल की बीमारी (Heart Diseases):

    सभी जातियों के पुरुषों में मौत के सर्वोच्च कारणों में से एक हृदय रोग है, दूसरा कैंसर है।

    हृदय रोग विभिन्न प्रकार के होते हैं, जिसमें उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी शामिल है। आपका डॉक्टर आपको अपने रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर की निगरानी के लिए नियमित जांच के लिए सलाह देता है। कोलेस्ट्रॉल, रक्तचाप, धूम्रपान करने की आदतों सहित आपकी रिपोर्ट और जोखिम कारकों के आधार पर, आपका डॉक्टर कुछ परीक्षणों की सिफारिश कर सकता है।

     

    2. एरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile dysfunction):

    एरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) तब होता है जब पुरुष को नियमित रूप से सेक्स के दौरान इरेकशन (लिंग में तनाव) करने या लंबे समय तक इरेकशन बनाए रखने में कठिनाई होती है। ईडी एक बहुत आम समस्या है, विशेष रूप से वृद्ध पुरुषों में। यह अनुमान है कि अग्रिम उम्र (40-70) के साथ, लगभग 50 % पुरुष ईडी से पीड़ित होंगे।

    ईडी एक अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थिति का एक संकेतक हो सकता है जिसके लिए उपचार की आवश्यकता होती है। ईडी के कारण जानने और समय से उपचार करने से आपके यौन और पूरे स्वास्थ्य स्थिति में सुधार आ सकता है।

     

    3. प्रोस्टेट समस्याएं (Prostate Problems):

    यदि आपके पिता या भाई प्रोस्टेट कैंसर या प्रोस्टेट की अन्य समस्याओं से पीड़ित हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन (पीएसए) के लिए खून का एक साधारण परीक्षण प्रोस्टेट कैंसर के निदान में मदद कर सकता है। पीएसए का उच्च स्तर, प्रोस्टेट हाइपरट्रॉफी, अन्य संक्रमण और प्रोस्टेट की सूजन की ओर इशारा कर सकता है।

     

    4. कैंसर (Cancer):

    फेफड़ों का कैंसर पुरुषों में मौत का एक प्रमुख कारण है। ज्यादातर मामलों में धूम्रपान को फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण माना जाता है। तंबाकू में मौजूद निकोटीन धूम्रपान को नशे की एक लत बना देता है। इसके अलावा, अन्य रूपों में तंबाकू की खपत के कारण मुंह, गले और लैरींक्स (आवाज बॉक्स) के कैंसर भी हो सकते हैं।

    प्रोस्टेट कैंसर के अलावा, गुदा और पेट का कैंसर अगले प्रमुख कैंसर हैं। बृहदान्त्र और मलाशय के कैंसर का निदान आमतौर पर रक्त के लिए मल की नियमित जांच और कोलोोनॉस्कोपी द्वारा किया जाता है।

     

    5. डाइबिटिस (Diabetes):

    भारत में लगभग 77.2 मिलियन लोग पूर्व-डाइबिटिस से ग्रस्त हैं, जो की टाइप-2 डायबिटीस में बदल सकती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, पूर्व-मधुमेह और मधुमेह की संभावना भी बढ़ती है।

    टाइप-2 मधुमेह के कारण स्ट्रोक, हृदय रोग, गुर्दे की विफलता, दृष्टि की हानि आदि हो सकती है। स्वस्थ आहार को अपनाने और शारीरिक गतिविधि के स्तर में वृद्धि से ब्लड शुगर को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।

     

    निष्कर्ष (Conclusion):

    स्वस्थ आहार के साथ एक स्वस्थ जीवनशैली, नियमित रूप से व्यायाम, और धूम्रपान से बचाव करना, अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए सकारात्मक उपाय हैं।

     

    Source: modasta.com/hi

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