शराब पीकर नशे में टल्ली थी स्कूल टीचर, अचानक क्लास में आ गए कई बड़े अधिकारी और फिर…

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Alcohol drunk was a school teacher - Udta Social Official

नई दिल्ली – छत्तीसगढ़ की एक कहावत बड़ी फेमस हैं। कहावत है – ‘सूर्य अस्त-छत्तीसगढ़ मस्त’ यानि शाम होते ही छत्तीसगढ़ के लोग शराब के नशे में टल्ली हो जाते हैं। हालांकि, यह सिर्फ एक कहावत नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की हकीकत है। कुछ आंकड़े के मुताबित छत्तीसगढ़ की आबादी 2.5 करोड़ है और आबकारी विभाग ने हाल ही में एक आकड़ा सामने रखा है कि पिछले 8 महीने के दौरान छत्तीसगढ़ के लोगों ने 500 करोड़ रूपये की शराब पी है। यानि जो कहावत है वह बिल्कुल सही है। छत्तीसगढ़ के लोग शाम होते ही अमुमन शराब के नशे में डुब जाते हैं।

इन आकड़ों और कहावतो को इसको देखकर यही कहा जा सकता है कि शराब छत्तीसगढ़ के लोगों की संस्कृति का हिस्सा है। इनसभी दावों के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जो वाकई ये साबित करता है कि छत्तीसगढ़ के लोग शराब के मामले में देश के बाकी हिस्सों से कहीं आगे निकल चुके हैं। मामला छत्तीसगढ़ का ही हैं जहां एक स्कुल टीचर हर रोज शराब पीकर स्कुल में आती है और नशे की हालत में ही बच्चों को पढ़ाती है। यह घटना छत्तीसगढ़, बस्तर के दरभा इलाके की है।

इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब 3 जनवरी को वहां के एसडीएमम, तहसीलदार और अधिकारियों की टीम स्कूल में जांच करने के लिए पहुंची थी। लेकिन, जब ये अधिकारी वहां स्थित एक शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल पहुंचे तो उन्होंने जो देखा वो देखकर वो बिल्कुल हैरान रह गए। दरअसल, अधिकारियों ने स्कुल पहुंचने के बाद वहां सभी टीचरों को बैठक के लिए बुलाया। बैठक के दौरान अधिकारियों को शराब की बदबू आने लगी। थोड़ी देर में अधिकारी समझ गए की फुलेश्वरी नाम की टीचर ने शराब पी रखी है। अधिकारियों ने काफी पुछताछ की तो पता चला की यह महिला टीचर अक्सर ही शराब के नशे में स्कुल आती है।

अधिकारियों को इस बात को जानकर आश्चर्य हुआ कि एक महिला टीचर इस स्थिती में बच्चों को पढ़ाने आती है। उन्होंने तुरंत थाने से महिला पुलिस को बुलाया और टीचर को मेडिकल टेस्ट करने के लिए भेज दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में भी इस बात का खुलासा हो गया है कि महिला टीचर ने शराब पी रखी थी। अधिकारियों ने इस बारे में फुलेश्वरी से पूछताछ कि तो बेहद चौकाने वाली बात सामने आई।

फुलेश्वरी देवी जो की एक टीचर हैं। उनका शराब पीने को लेकर कहना था – ‘शराब पीना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। सरकार की ओर से भी आदिवासियों को पांच लीटर तक शराब अपने घर में बनाने की इजाजत मिली हुई है।’ टीचर को इस तरह से सरकारी आदेशों का हवाला देते देख अधिकारी भी हैरान रह गए। इस जवाब के बाद अधिकारी भी कुछ बोल नहीं सके। थोड़ी पूछताछ के बाद बच्चों और बाकी टीचर्स ने भी इस बात का खुलासा किया कि फुलेश्वरी देवी लगभग रोज की स्कुल में शराब पीकर आती हैं। हालांकि, फुलेश्वरी देवी के शराब पीने की वजह से स्कुल में कभी कोई बवाल नहीं हुआ। अधिकारियों ने फिल्हाल बस्तर कलेक्टर से महिला टीचर फुलेश्वरी को बर्खास्त करने की सिफारिश की है और इस मामले में कलेक्टर की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

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