क्या आपकी साँस से बदबू आती है?

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    Bad Breath. Is it upsetting others - udta Social Official

    साँस की बदबू क्या है ? (What is bad breath?)

    दुर्गंधयुक्त श्वास एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें ओरल कैविटी (मुंह) से बुरी या अप्रिय गंध (बदबू) आती है।

    मेडिकल शब्दावली में दुर्गंधयुक्त श्वास को हैलिटोसिस के नाम से भी जाना जाता है। अन्य मेडिकल शब्दों में मुंह की दुर्गंध को फीटर ओरिस, ओरल मेलोडोर, फीटर एक्स ओर इत्यादि नामों से भी जाना जाता है।

    लगभग 50% लोगों को दुर्गंधयुक्त श्वास की समस्या होती है।

    कुछ व्यक्ति दुर्गंधयुक्त श्वास के बारे में अत्यधित चिंतित होते हैं, चाहे उनको यह समस्या नहीं हो; जबकि, कुछ लोग दुर्गंधयुक्त श्वास होने पर भी इसके प्रति असावधान रहते हैं। जैसा कि इसे स्वयं निर्धारित करना मुश्किल होता है, इसलिए अपने करीबी दोस्त या रिश्तेदार से पूछकर पता लगा सकते हैं कि आपके दुर्गंधयुक्त श्वास है या नहीं।

     

    दुर्गंधयुक्त श्वास का कारण क्या है ? (What are the causes of bad breath?)

    90% प्रतिशत मामलों में मुंह के अंदर (इंटरा-ओरल) या शेष मामलों में मुंह के बाहर (एक्स्ट्रा-ओरल) दुर्गंधयुक्त श्वास के कारण होते हैं।

    मुंह में भोजन रहने के कारण बार-बार हैलिटोसिस उत्पन्न होता है और दांत व जीभ पर जीवाणुओं की परत बन जाती है।

    ये जीवाणु, भोजन के कणों में विभाजित हो जाते हैं और इस प्रक्रिया में कुछ अप्रिय गैस मुख्य रूप से दुर्गंधयुक्त वाष्पशील सल्फर यौगिक उत्पन्न करते हैं।

     

    दुर्गंध पैदा करने में सहायक कुछ कारकों में शामिल हैः

    निम्न स्तरीय दंत स्वच्छता आदतें : यदि आप अपने दांतों को अच्छी तरह ब्रुश नहीं करते हैं, नियमित रूप से (दांतों के बीच तार से सफाई) फ्लोस नहीं करते हैं, या भोजन करने के बाद मुंह की सफाई नहीं करते हैं, तो मुंह में भोजन के कण रह जायेंगे। यदि दंत स्वच्छता सही नहीं है, तो दांतों पर जीवाणु से निर्मित चिपचिपेदार परत बन सकती है जिससे मसूङों में जलन (जिंजिवाइटिस) उत्पन्न होती है और इसके परिणामस्वरूप दाँत व मसूङे के बीच प्लैक बनना (पेरियोडोंटिटिस) प्रारंभ हो सकता है। जीभ की सतह में भी जीवाणु विकसित होने पर दुर्गंध उत्पन्न हो सकती है। डेंचर्स (नकली दांत) पहनने वाले व्यक्ति, यदि नियमित रूप से सफाई नहीं करते हैं, तो इन नकली दांतों से जीवाणु विकसित हो जाते हैं जिससे दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न हो सकती है।

    भोजनः दांतों के बीच कुछ प्रकार के भोजन के कणों को चिपकने की अधिक संभावना होती है जिससे दुर्गंधयुक्त श्वास की संभावना बढ़ जाती है।

    प्याज, लहसून, कुछ सब्जियां और कुछ मसालें की तरह कुछ खाद्य पदार्थों से दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न हो सकती है।

    धूम्रपान व तम्बाकू उत्पादः धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों को धूम्रपान (सिगरेट या बीङी की गंध) करने से दुर्गंध उत्पन्न हो सकती है। धूम्रपान करने वाले और मुंह में तम्बाकू चबाने वाले व्यक्ति को भी मसूङा रोग होने की अधिक संभावना होती है, जो कि दुर्गंधयुक्त श्वास का दूसरा प्रमुख कारण है।

    मुंह में संक्रमणः दांत सङना, मसूङा रोग, मुंह का फोङा और दांत निकालने या मुंह की किसी सर्जरी से मुंह में घाव होने से हैलिटोसिस उत्पन्न हो सकता है।

    मुंह का सूखापनः दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न करने में मुंह का सूखापन भी सहायक है। मुंह व भोजन कणों की सफाई के लिए मुंह प्रकार्य में उत्पन्न लार (थूक) से दुर्गंध उत्पन्न हो सकती है। कुछ लोगों में जिरोस्टोमिया (शुष्क मुंह) नामक समस्या होती है, जिसमें लार का निर्माण होना कम हो जाता है और इससे दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न हो सकती है।

    कुछ लोगों को, नाक बंद होने के कारण मुंह से सांस लेने की आदत पङ जाती है और इससे मुंह का सूखापन व दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न हो सकता है। नींद के दौरान भी मुंह का सूखापन हो जाता है, और यह स्थिति उन लोगों के होती है जो मुंह खुला रखकर सोते हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव से मुंह का सूखापन हो सकता है और इससे भी दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न हो सकती है।

    गला व नाक की समस्याएं : गलतुण्डिका संक्रमण (टोंसिलिटिस) से ग्रस्त कुछ व्यक्तियों में जीवाणुओं की परत बन सकती है और कभी-कभी जीवाणुओं से ढ़की हुई गलतुण्डिया में कुछ छोटी-छोटी पथरियों के निर्माण से दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न हो सकती है। नाक, साइनस, या गले में लम्बे समय तक संक्रमण रहने से भी दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न हो सकती है।

    अन्य समस्याएं : कुछ रोग और चयापचय विकारों से कुछ रसायनिक पदार्थ उत्पन्न हो सकती है जिससे विशेष प्रकार की गंध निकलती है।

    भोजन, पेट से वापस आहारनली में आने के क्रोनिक रिफ्लक्स (गैस्ट्रो-ओइसोफ़ेगेल रिफ्लक्स रोग नामक समस्या) से ग्रस्त व्यक्तियों में इस भोजन के सङने के कारण दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न हो सकती है।

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    दुर्गंधयुक्त श्वास वर्गीकरण विधि ?

    मूल हैलिटोसिस

    शारीरिक कारणः इसमें कोई विकार नहीं होता है, लेकिन भोजन के सङने के कारण दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न होती है; यह गंध मुख्य रूप से जीभ के पिछले भाग से आती है।

    रोगात्मक कारण

    मौखिक कारणः मुंह में किसी समस्या या विकार के कारण और जीभ की परत पर मुंह के सूखेपन तथा पेरियोडोंटल रोग जैसी समस्याओं के उत्पन्न होने के कारण दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न होती है।

    एक्स्ट्रा-ओरल कारणः नाक, गला (कंठनाल) या श्वसन तंत्र में दुर्गंध हो सकती है। कभी-कभी डायबिटीज और लिवर विकार जैसे कुछ रोगों में फेंफङों से उत्सर्जित रसायनिक गंध के कारण दुर्गंध उत्पन्न हो सकती है।

    सूडो-हैलिटोसिस

    दूसरे लोगों के द्वारा दुर्गंधयुक्त श्वास का पता नहीं लगाया जाता है, लेकिन ऐसे लोग दृढ़पूर्ण शिकायत करते हैं कि उनके दुर्गंधयुक्त श्वास की समस्या है।

    हैलिटोफोबिया

    हैलिटोसिस या सूडो-हैलिटोसिस का उपचार करने के बाद भी, वह व्यक्ति यह मानता है कि हैलिटोसिस है जबकि इसकी उपस्थिति के कोई प्रमाण नहीं होते हैं।

    How to get rid of bad breath - Udta Social Official

    दुर्गंधयुक्त श्वास से छुटकारा कैसे पायें ? (How to get rid of bad breath?)

    आपको यह पता लग जाता है कि आपको दुर्गंधयुक्त श्वास की समस्या है, तो आपको इनके कारणों का पता लगाना होगा। चुंकि अधिकांश दुर्गंधयुक्त श्वास, मुंह से दुर्गंध के कारण उत्पन्न होते हैं, लेकिन दंतचिकित्सक से परामर्श करना बहुत उपयोग हो सकता है।

    शारीरिक हैलिटोसिस, मौखिक रोगात्मक हैलिटोसिस और सूडो-हैलिटोसिस को दंतचिकित्सक द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

    एक्स्ट्रा-ओरल पैथोलोजिक हैलिटोसिस को चिकित्सक या मेडिकल विशेषज्ञ द्वारा नियंत्रित किया जाता है। हैलिटोफोबिया में चिकित्सक या मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ की जरूरत पङती है।

    जीभ की सफाईः शारीरिक हैलिटोसिस मुख्य रूप से मुंह के पिछले भाग में जीभ के हिस्से के कारण होती है और जीभ परत के कारण दुर्गंध उत्पन्न हो सकती है। इन मामलों में जीभ की सफाई करना ही प्रभावी उपचार होता है। जीभ के छोटे ब्रुश या शिशु टुथब्रुश से हल्के हाथ से सफाई करें।

    टंग स्क्रैपर (टंग क्लिनर) वयस्क टूथब्रुश से हल्के हाथ से खुरचना भी सहायक हो सकता है, लेकिन कठोर तरीके से खुरचना सही नहीं होता है क्योंकि जीभ की सतह खराब हो सकती है।

    चिकित्सीय उपायः जब मौखिक स्वास्थ से संबंधित कारणों से दुर्गंध उत्पन्न होती है, तो दंत परामर्श और उपचार की जरूरत पङती है। शायद आपके दंतचिकित्सक द्वारा यह सिफारिश की जाती हैः

    दंत समस्याओं का उपचारः आपका दंतचिकित्सक प्लैक को निकालने के लिए दाँत की सफाई कर सकता है। यदि आपने पहले कभी दांत लगाया हो जो खराब हो गया हो, तो आपका दंतचिकित्सक उसे बदल सकता है। यदि कोई मसूङे का रोग है, तो इसके उपचार के लिए आप पेरियोडोंटिस (मसूङा विशेषज्ञ) से परामर्श कर सकते हैं।

    माउथ वॉशेज और टूथपेस्टः यदि आपके दंतचिकित्सक को लगता है कि दांतों पर जीवाणु विकसित (प्लैक) होने के कारण दुर्गंधयुक्त श्वास आती है तो वह रोगाणुरोधी (जिंक, क्लोरहेक्साइडिन, हाइड्रोजन पेरोक्साइड युक्त) माउथवॉश या टूथपेस्ट के लिए सिफारिश कर सकता है।

     

    दुर्गंधयुक्त श्वास को कैसे रोकें ? (How to prevent bad breath?)

    दुर्गंधयुक्त श्वास की रोकथाम में सहायक कई उपायः

    दिन में दो बार दंतमंजन करनाः प्लैक व खाद्य अवशेष को निकालने के लिए दिन में दो बार दंतमंजन करें। सोने से पहले दंतमंजन करना आवश्यक है क्योंकि इससे खाद्य कण निकल जाते हैं और रात्री में जीवाणुओं का विकास होना कम हो जाता है।

    जीभ की सफाई करनाः जीभ में किसी भी तरह की परत को हल्के हाथ से खुरचने के लिए टंग क्लीनर से निर्मित ब्रुश या फार्मेसी पर उपलब्ध टंग क्लीनर (टंग स्क्रैपर) का इस्तेमाल करें। जिन व्यक्तियों की जीभ पर मोटी परत जमा हो गई है उनमें जीवाणु विकसित होने की अधिक संभावना होती है।

    खाने के बाद कुल्ला करें: खाने के बाद मुंह में पङे हुए खाद्य कणों को निकालने के लिए कुल्ला करें। यदि पानी उपलब्ध नहीं है, तो चीनीरहित गोंद चबाने का विकल्प चुनें।

    रोजाना फ्लोसिंग करें : जहाँ टूथब्रुश नहीं पहुँच पाता है वहाँ दंतधागे से दांतों के बीच जमा खाद्य कण व प्लैक को निकाला जाता है।

    अन्यथा वहाँ खाद्य अवशेष जमा हो जायेंगे और इससे दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न हो सकती है।

    मुंह का गीला रखें : शुष्क मुंह से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें। लार व मुंह को नम रखने के लिए चीनीरहित चुइंग गम्स और कैंडी सहायक होती है। यदि आप कोई दवा ले रहे हैं तो मुंह शुष्क हो जाता है या क्रोनिक शुष्क मुंह की समस्या है, तो अपने दंतचिकित्सक को बतायें और वह आपके लिए कृत्रिम लार सामग्री बता सकता है।

    धूम्रपान करना छोङ दें और तम्बाकू उत्पाद से परहेज करें : धूम्रपान से दुर्गंधयुक्त श्वास और शुष्क मुंह होता है। तम्बाकू उत्पाद के कारण मुंह शुष्क हो जाता है।

    इन आदतों को छोङने से दुर्गंधयुक्त श्वास आना बंद हो जायेगी।

    आहार परिवर्तनः ऐसे खाद्य पदार्थों से परहेज करें जिससे दुर्गंधयुक्त श्वास उत्पन्न हो सकती है और चिपचिपे चीनीयुक्त भोजन और पेयपदार्थ से अत्यधिक मात्रा में जीवाणु उत्पन्न हो सकते हैं।

    डेंचर्स या दंत उपकरणों की सफाईः यदि आप दंत उपकरण या कृत्रिम दांत का उपयोग कर रहे हैं, तो अपने दंतचिकित्सक द्वारा बताये गये सफाई उत्पाद से इनको नियमित रूप से साफ करें।

    नियमित रूप से दंतचिकित्सक को दिखायें : दंत रोग और दुर्गंधयुक्त श्वास को रोकने में सहायक दंत परीक्षण व सफाई हेतु वर्ष में एक बार या दो बार नियमित दंत चेकअप करायें।

     

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