पाकिस्तान में पद्मावत का पलकें बिछाए इंतज़ार. रिलीज़ होते ही ब्लॉकबस्टर!

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Pakistani people are waiting for padmavat movie - Udta Social Official

भारत में पद्मावत का काफी स्तर पर विरोध हो रहा है और काफी कारणों से जिनमें से एक कारण ये भी है कि एक मुस्लिम शासक और एक राजपूत रानी के बीच कुछ प्रेम जैसा स्थापित करने की अफवाह है।

खैर, इन अफवाहों में दम कोई नहीं है। लेकिन फिर भी अगर बॉलीवुड का इतिहास देखा जाए तो पद्मावती पर बनी एक फिल्म में अंत में तो अलाउद्दीन खिलजी हीरो बन कर निकलता है। खैर, विरोध का मुख्य मुद्दा धर्म ही है।

और अब खबर है कि यही कारण है कि पाकिस्तान पद्मावत का पलकें बिछाए इंतज़ार कर रहा है। माना जा रहा है कि पाकिस्तानी बोर्ड फिल्म को पास भी कर देगा और फिल्म वहां ब्लॉकबस्टर होगी। वहीं पद्मावत की टीम भी चाहती है कि फिल्म पाकिस्तान में रिलीज़ हो।

ये दोनों ही बातें फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर अच्छा असर डालेंगी। देखना ये है कि पद्मावत साल की पहली ब्लॉकबस्टर बनने के लिए बॉक्स ऑफिस पर क्या क्या मशक्कत करती है।

बिना किसी प्रमोशन, पद्मावती को सीधे सिनेमाघरों में देखिए 25 जनवरी को।

 

जानिए और किन किन फिल्मों को धर्म और क्षेत्र के नाम पर सहनी पड़ी काफी दिक्कतें –

 

बजरंगी भाईजान

पहले अफवाहें उड़ीं कि फिल्म लव जिहाद पर बनी है। इसके बाद, फिल्म के नाम से भाईजान हटाने की डिमांड की गई क्योंकि बजरंगी के साथ भाईजान किसी को कुबूल नहीं है।

 

पीके

पीके के एक सीन में आमिर खान अपने ऊपर स्टिकर चिपकाते हैं। एक सीन में शिव की कॉस्ट्यूम में दौड़ जाते हैं और इन सब बातों से बल्कि पूरी फिल्म से लोगों को काफी आपत्ति थी।

 

बाजीराव मस्तानी

बाजीराव मस्तानी की कहानी को लेकर लोगों ने काफी विरोध किया। वहीं दूसरी तरफ, मस्तानी के किरदार को भी कई लोगों ने इतिहास की बेइज़्जती करना बताया।

 

राम लीला

फिल्म के नाम को लेकर इतना विवाद हुआ कि फिल्म का नाम रामलीला से बदलकर गोलियों की रासलीला राम – लीला रखा गया।

 

उड़ता पंजाब

फिल्म को लेकर, पंजाब में काफी गहमागहमी हुई। और फिल्म को बैन करने की डिमांड की गई। खुद सेंसर बोर्ड ने फिल्म को पास ना करने की कोशिश की। उसके बाद, फिल्म की सेंसर कॉपी लीक हो गई।

 

जोधा अकबर

फिल्म में जोधा बाई के किरदार को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन किया गया। दिलचस्प ये है कि ऐसा ही एक सीरियल भी आया लेकिन उस पर किसी ने कोई विरोध नहीं किया।

 

हैदर

फिल्म को लेकर जम्मू कश्मीर में काफी विरोध हुआ।

 

विश्वरूपम

तमिल में मुस्लिमों ने फिल्म का भरपूर विरोध किया था।

 

ओह माय गॉड

फिल्म ने हिंदू धर्म और आस्था पर काफी सवाल उठाए थे और इसका काफी विरोध किया गया था।

 

वॉटर

फिल्म को धर्म के विरूद्ध बताया गया। फिल्म विधवाओं के साथ क्रूर प्रथा और उन पर हो रहे अत्याचार की कहानी थी। फिल्म का इतना विरोध हुआ कि दीपा मेहता को फिल्म दूसरे नाम से श्रीलंका में शूट की गई।

 

मद्रास कैफे

फिल्म का तमिल ग्रुप्स ने काफी विरोध किया है।

 

माई नेम इज़ खान

शाहरूख खान स्टारर इस फिल्म का कई कारणों से विरोध किया गया।

 

Source: filmibeat.com

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