हिंदी सिनेमा जगत के मशहूर अभिनेता शम्मी कपूर की बायोग्राफी

0
57
Shammi Kapoor Biography - Udta Social Official

शम्मी कपूर का जन्म 21 अक्तूबर 1931 को बॉम्बे (मुंबई) में पृथ्वीराज कपूर और रामशरनी कपूर (मेहरा) के घर में हुआ। उनके जन्म के समय उनका नाम शमशेर राज कपूर रखा गया था।

वह मशहुर अभिनेता राज कपूर के छोटेभाई और शशि कपूर बड़े भाई थे।

मुंबई में जन्म होने के बावजूद भी उनका बचपन का ज्यादातर समय पेशावर के कपूर हवेली और कलकत्ता में ही गुजरा। क्यु की उन जगह पर उनके पिताजी नए थिएटर स्टूडियोज में फिल्मो का काम किया करते थे।

कोलकाता में ही उन्होंने मोंटेसरी और किंडरगार्टन की पढाई पूरी की। बाद में फिर बॉम्बे को वापस आने के बाद उन्होंने सेंट जोसफ कान्वेंट और बाद में डॉन बोस्को स्कूल से पढाई पूरी की। उन्होंने मेट्रिक की पढाई ह्यूजेस रोड के न्यू इरा स्कूल से पूरी की।

1955 में जब रंगीन राते फ़िल्म की शूटिंग की जा रही थी तब उनकी मुलाकात गीता बाली से हुई थी। उस फ़िल्म में शम्मी कपूर मुख्य भूमिका में थे और गीता बाली ने उस फ़िल्म मे बहुत ही छोटासा किरदार निभाया था।

उसके चार महीने बाद ही उन्होंने मुंबई के नेपियन सी रोड के बानगंगा मंदिर में शादी कर ली। लेकिन शादी के कुछ सालों बाद यानि 1965 में गीता बाली गुजर गयी क्यु की उन्हें स्मालपॉक्स की बीमारी हुई थी।

बादमें 27 जनवरी 1969 को शम्मी कपूर की गुजरात के भावनगर के शाही परिवार से नीला देवी से शादी हुई।

 

शम्मी कपूर का करियर – Shammi Kapoor Career

 

कपूर ने बहुत ही कम समय तक रामनारायण रुइया कॉलेज में पढाई की बाद में उन्होंने बहुत ही जल्द उनके पिताजी की थिएट्रिकल कम्पनी पृथ्वी थिएटर में काम करना शुरू कर दिया था।

1948 में उन्होंने फ़िल्म जगत मे एक जूनियर आर्टिस्ट के रूप में काम करना शुरू कर दिया था। उस वक्त उनकी तनखा 50 रूपए महिना थी। अगले चार साल तक उन्होंने पृथ्वी थिएटर मे काम किया और उस वक्त 1952 में उनकी हर महीने की तनखा 300 रुपये थी।

1953 में महेश कौल ने निर्देशित उनकी पहली फ़िल्म “जीवन ज्योति” रिलीज़ हुई थी और चाँद उस्मानी उनकी पहली हीरोइन थी।

शम्मी कपूर ने लेकिन नासिर हुसैन की तुमसा नहीं देखा (1957) और दिल देके देखों (1959) जैसे फिल्मो से उनकी फ़िल्म जगत में एक लापरवाह और स्टाइलिश अभिनेता के रूप में पहचान मिली।

शम्मी कपूर अपने अभिनय के कारण वो देश के युवा दिलो की धड़कन बन गए थे और इसी वजह से उनकी बहुत सारी फिल्मे हिट हो गयी थी।

1970 के दौर में शम्मी कपूर सहायक अभिनेता के रूप में काफ़ी कामयाब हुए थे। उनका अंदाज़, ज़मीर, हीरो, हुकूमत और चमत्कार जैसे फिल्मो में उनका किरदार आज भी हमें उनकी याद दिलाती है।

1974 में शम्मी कपूर ने निर्देशन के जगत में पहला कदम रखा और मनोरंजन (1974) और बण्डल बाज़ (1976) जैसे फिल्मो को निर्देशित किया। उन दोनों फिल्मो ने बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कुछ उथलपुथल नहीं मचाई लेकिन उन फिल्मो ने बहुत लोगों से तारीफ बटोरी। शम्मी कपूर आखिरी बार इम्तिआज़ अली ने निर्देशित फ़िल्म रॉकस्टार फ़िल्म में नजरआये थे। उस फ़िल्म में शम्मी कपूर के परपोते रणबीर कपूर नजर आये थे।

शम्मी कपूर इंटरनेट यूजर्स कम्युनिटी ऑफ़ इंडिया के संस्थापक और अध्यक्ष थे। एथिकल हैकर एसोसिएशन जैसी इंटरनेट की संघटना के निर्माण में उन्होंने बहुत ही अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने पुरे कपूर परिवार की एक वेबसाइट भी बनाई थी।

 

शम्मी कपूर की मृत्यु – Shammi Kapoor Death

 

2011 वो गुर्दा की बीमारी से जूझ रहे थे। उन्हें 7 अगस्त 2011 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भरती किया गया था। 14 अगस्त 2011 को उनकी बीमारी की वजह से मौत हो गयी।

 

शम्मी कपूर को मिले हुए पुरस्कार – Shammi Kapoor Award

 

1968- ब्रह्मचारी फ़िल्म के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
1982- विधाता फ़िल्म के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार
1995- फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
1998- भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए कलाकार पुरस्कार स्पेशल पुरस्कार
1999- लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए जी सिने अवार्ड
2001- आनंदलोक पुरस्कार लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
2001- स्टार स्क्रीन लाइफटाइम अवार्ड
2002- आईआईएफए में भारतीय सिनेमा में अमूल्य योगदान पुरस्कार
2005- लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
लिविंग लीजेंड अवार्ड, फेडरेशन ऑफ़ इंडियन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफआईसीसीआई) द्वारा
2008- पुणे अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल में भारतीय सिनेमा को योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार

 

Source

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here