10 तरीकों से पड़ता है तनाव का असर स्वास्थ पर?

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    10 Strange Ways Stress Can Affect Your Health - Udta Social Official

    चिंता या तनाव हमारे जीवन का ही एक हिस्सा है। तनाव कई कारणों से हो सकता है जैसे- परीक्षा, इंटरव्यू, आर्थिक स्थिति, भवानात्मक आदि। लेकिन जब यह तनाव अत्यधिक होने लगता है और हमारी प्रतिदिन के कार्यों पर प्रभाव डालने लगता है तब यह हमारे स्वास्थ को भी प्रभावित करता है।

    तनाव का प्रभाव इन 10 तरीकों से पड़ सकता है हमारे स्वास्थ पर:

    1. खाने की इच्छा (Food Cravings):

    जब हम तनाव में होते हैं तो हमारे शरीर में एक हॉरमोन स्रावित होता है जिसकी वजह से मीठा खाने की इच्छा बढ़ती है। मीठा या कार्ब खाने से शरीर में सीरोटोनिन का उत्पादन होता है जिससे मानसिक शांति का अनुभव होता है।

    इसी कारण से जब लोग तनाव में होते हैं तो ज़रूरत से अधिक खाने लगते हैं।

    2. नींद (Sleep):

    तनाव की वजह से अच्छी नींद नहीं आती। नींद न आने से थकान, सुस्ती और खराब मनोदशा रहती है।

    3. वज़न बढ़ता है (Weight Gain):

    तनाव की वजह से कोर्टिसोल नाम का हॉरमोन स्रावित होता जिससे खाने की इच्छा बढ़ती है। जब आप अधिक खाने लगते हैं तो वज़न बढ्ने लगता है और अन्य स्वास्थ समस्याएँ भी होने लगती हैं।

    4. बाल झड़ना (Hair Loss):

    तनाव का असर बालों के स्वास्थ पर भी पड़ता है और तनाव की वजह से बहुत से लोगों के बाल अधिक गिरते हैं।

    5. पाचन (Digestion):

    तनाव आपके पाचन को भी प्रभावित करता है। तनाव की वजह से पेट दर्द, जलन और दस्त हो सकते हैं। और अगर आपको पहले से पेट की कोई परेशानी है तो आपकी तकलीफ बढ़ भी सकती है। तनाव की वजह से इरिटेबल बावल सिंड्रोम भी हो सकता है।

    6. यौन इच्छा (Libido):

    तनाव की वजह से यौन इच्छा भी कम हो जाती है। इसका असर आपके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ पर पड़ता है। इससे रिश्तों में भी परेशानियाँ आने लगती हैं।

    7. स्मरण-शक्ति (Memory):

    अत्यधिक तनाव का प्रभाव हमारे मस्तिष्क पर पड़ता जिसकी वजह से स्मरण-शक्ति या याददाश्त कमजोर होने लगती हैं और इंसान भूलने लगता है।

    8. कमर दर्द (Back Pain):

    तनाव की वजह से मांसपेशियों में कसाव आता है जिसकी वजह से शारीरिक दर्द बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप देर तक बैठ के काम करते हैं तो कमर दर्द की परेशानी होने लगती है।

    9. त्वचा स्वास्थ (Skin Problems):

    तनाव की वजह से त्वचा में भी बदलाव आने लगते हैं। कुछ त्वचा संबंधी बीमारियाँ तनाव की वजह से गंभीर हो जाती हैं जैसे सोरीएसिस, एक्ज़िमा, पिंपल आदि। तनाव भी परोक्ष रूप से त्वचा को प्रभावित करता है क्योंकि इससे आपको अच्छी नींद नहीं आती है, अस्वास्थ्यकर भोजन खाते हैं और कम पानी पीते हैं यह सब आपकी त्वचा को थका हुआ, शुष्क और अस्वास्थ्यकर बनाता है।

    10. सिर दर्द (Headaches):

    तनाव के समय, जब कोर्टिसोल शरीर की ‘लड़ाई-या-उड़ान’ प्रतिक्रिया को ट्रिगर करता है और जब घटना खत्म हो जाती है, तो इसका स्तर कम हो जाता है। कोर्टिसोल का उतार-चढ़ाव सिरदर्द को ट्रिगर कर सकता है, विशेष रूप से माइग्रेन को।

    तनाव से बचना असंभव है, लेकिन इसे नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए और प्रारंभिक चेतावनी संकेतों का ध्यान रखना चाहिए।

    स्रोत

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