स्पर्म काउंट हो सकता है कम ज़्यादा टीवी देखने से

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    Can Prolonged Television Viewing Lower Your Sperm Count - Udta Social Official

    काफी दिनों से स्पर्म की गुणवत्ता को लेकर कई सारे सवाल और दिक्कतें सुनने को मिल रही हैं। इसका सही कारण क्या है यह अभी तक विवाद का हिस्सा है। इसका एक मुख्य कारण ये भी हो सकता है कि आजकल शारीरिक परिश्रम कम होता जा रहा है।

    सिमन गुणवत्ता और टीवी देखना

    ब्रिटिश जनरल ऑफ स्पोर्ट मेडिसिन के प्रकाशन में हॉवार्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ शोध के अनुसार इसका असर स्पर्म पर पड़ता है। इसमें 189 युवा लोगों का परिक्षण किया गया जिनकी उम्र 18 से 22 के बीच थी।

    शोध में जो मुख्य निष्कर्ष मिला –

    जिन व्यक्तियों ने सप्ताह में 20 घंटे तक टीवी देखा उनका स्पर्म काउंट 44 प्रतिशत तक उनसे कम था जिन्होंने बिल्कुल टीवी नही देखा।

    जिन पुरुषों ने सप्ताह में 15 घंटे या उससे अधिक व्यायाम किया उनके स्पर्म काउंट का स्तर 73 प्रतिशत तक अधिक था उनसे जिन्होंन मात्र पांच घंटे या उससे कम परिश्रम किया था।

    शारीरिक परिश्रम

    एक शोध के अनुसार कम शारीरिक परिश्रम होने से स्पर्म काउंट भी कम होता है। शारीरिक परिश्रम के अनेको फायदे भी बताए गए हैं जैसे इससे मधुमेह का खतरा कम होता है, मोटापा नही होता, दिल की बीमारी आदि। इसके अलावा ये भी पता चला कि परिश्रम की कमी से तनाव बढता है और ये बांझपन का कारण भी हो सकती हैं।

    जरूरत से ज्यादा व्यायाम भी पुरुषों में बांझपन का कारण माना गया है . रोजाना और सही मात्रा में व्यायाम के कई तरह के फायदे भी हैं जैसे तनाव कम होता है और मेल जर्म सेल्स का सुधार होता है।

    स्क्रोटल तापमान

    देर तक बैठ कर काम करने से अंडकोष का तापमान थोड़ा बढ़ता है। इससे स्पर्म की मात्रा में कमी आती है और प्रजनन क्षमता कम हो जाती है। मगर ध्यान रखें कि इसका मतलब ये कतई नही है कि उन पुरुषों के स्पर्म में बच्चे पैदा करने की क्षमता नही है।

    क्या है निष्कर्ष ?

    सही तरीका यही है कि टीवी देखना कम करें और जीवन शैली में बदलाव लाएं। रोजाना खुद को एक्टिव रखें। इससे स्पर्म काउंट पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    स्रोत

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