क्या आप जानते हैं? नकली पनीर आप रोज़ खा रहे हैं.

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duplicate-paneer - Udta Social Official

आजकल खाद्य पदार्थों में मिलावट तो आम बात हो गई है .. हर खाने की चीजे में मिलावट हो रही है ..वहीं कुछ खाद्य पदार्थ तो आजकल मार्केट में नकली भी मिल रहे हैं । पुलिस की कार्यवाही के बावजूद लोग इससे बाज नहीं आ रहे हैं बाजार में नकली खाद्य पदार्थ जमकर बेचे जा रहे हैं। हाल ही में पंजाब में पुलिस ने मिलावटी पनीर बनाने वाली एक फैक्ट्री में छापा डाल 6.25 क्विंटल नकली पनीर जब्त किया है। बताया जा रहा है कि ये काम करीब 15 साल से चल रहा था हालांकि तीन साल पहले भी इस फैक्ट्री  रेड हुई थी पर इसके बावजूद मिलावटी पनीर बनाने का काम नहीं रुकना प्रशासनिक कायर्वाही पर सवाल उठा रहा है.. जाहीर है हमें खुद ही इसके प्रति सतर्क होना पड़ेगा और ऐसी नकली चीजों से बचना होगा। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि कैसे देश में नकली और मिलावटी पनीर का खतरनाक खेल चल रहा है साथ ही नकली और मिलावटी पनीर के पहचान के कुछ आसान तरीके भी बताएंगे ताकि आप इसके सेवन से बच सके।

दरअसल आकड़ो की माने तो देश में करीब 15 करोड़ टन दूध का उत्पादन होता है। ऐसे में अगर इस पूरे दूध को पनीर बनाने में भी खर्च कर दें तो 7 लाख टन पनीर ही बन सकता है। जबकि हमारे देश में पनीर की डिमांड हर साल लगभग25% की दर से बढ़ रही है और एक अनुमान के मुताबिक इस वक्त देश में 5 लाख टन पनीर की खपत हो रही है। जबकि देश में पूरे दूध का पनीर तो बनता नहीं है ऐसे में ये साफ है कि हमारे आपके घर तक नकली या मिलावटी पनीर भेजकर मुनाफा कमाने वाले अपना खेल कर रहे हैं।

अगर नकली पनीर बनाने की बात करें तो आपको बता दे कि  मिलावटखोर सिर्फ 150 रुपए में पांच किलो नकली पनीर बनाते हैं। इसके लिए वो थोड़े से दूध में सोडियम बाई कार्बोनेट यानी बेकिंग सोडा डालकर घोल बनाते हैं.. फिर उसमें पॉम ऑयल या वेजिटेबल ऑयल मिला देते हैं। इसके बाद इस घोल को बेकिंग पाउडर से फाड़कर उसे बड़े कंटेनर में जमा दिया जाता है। इस तरह खतरनाक तरीके से बने जहरीले पनीर को फ्रेश पनीर बताकर ग्राहको तक पहुंचा दिया जाता है। इसलिए ये ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि कहीं आप भी नकली या मिलावटी पनीर तो नहीं खा रहे हैं।

 चलिए अब ये जानते हैं कि नकली या मिलावटी पनीर की पहचान कैसे कर सकते हैं .. देखा जाए तो नकली पनीर ज्यादातर टाइट होता है.. उसका टैक्सचर रबड़ की तरह होता है और खाते वक्त भी रबड़ की तरह खिंचता है।

वहीं अगर आप पनीर घर लेकर आ चुके हैं उस पर संदेह हो रहा है तो फिर उसे कुछ देर पानी में उबाल कर ठंडा कर लें और जब वो ठंडा हो जाए तो उसमें कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर की डालें.. ऐसा करने पर अगर उस पनीर का रंग नीला पड़ने लगे तो जाए जान लीजिए कि वो मिलावटी है।

साथ ही आप मिलावटी पनीर की पहचान के लिए पनीर का एक छोटा-सा टुकड़ा हाथ में मसलकर देख सकते हैं.. अगर वो टूटकर बिखरने लगे तो फिर समझ लीजिए कि पनीर नकली है क्योंकि ऐसे पनीर में मौजूद ‘स्कीम्ड मिल्ड पाउडर’ ज्यादा दबाव सह नहीं पाता है।

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