फेसबुक अपने चुंगल में फंसा रहा है बच्चों को,कहीं इसके शिकार आप तो नहीं?

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सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने बच्चों के लिए अपने मैसेंजर का एक स्पेशल एडीशन ‘messenger kids’ दिसंबर में लॉन्च किया था. यह ऐप 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर निगरानी रखने के लिए बनाया गया है|

फेसबुक ऐप ‘मैसेंजर किड्स’ को लेकर हो रही आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए फेसबुक के एक कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि यह ऐप परिवारों के लिए बेहतर है, क्योंकि वीडियो कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप को 13 साल से कम उम्र के बच्चों को ध्यान में रख कर बनाया गया है|

फेसबुक

एक मीडिया वेबसाइट ने फेसबुक के मैसेजिंग उत्पादों के उपाध्यक्ष डेविड मार्कस के हवाले से बताया कि मुझे विश्वास है कि यह एक अच्छा उत्पाद है.इस ऐप को दिसंबर 2017 में लॉन्च किया गया था. मैसेंजर किड्स बच्चों को सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहन देने हेतु आलोचना का सामना कर रहा है.

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री जेरेमी हंट ने दिसंबर में फेसबुक को चेतावनी दी और कहा कि वह बच्चों को अपनी चुंगल में ना फ़साये.हंट ने ट्वीट किया था कि फेसबुक ने मुझे बताया कि वे कम उम्र के बच्चों को अपने उत्पादों के इस्तेमाल से दूर रखने के लिए नए विचारों के साथ आएंगे, लेकिन वे इसके बजाए बच्चों को ही निशाना साध रहे हैं.बच्चे कम उम्र के होने के नाते फेसबुक उन्हें अपने चुंगल में फंसा रहा है,और उनको अपने लिए इस्तेमाल कर रह है|इस पर उन्होंने फेसबुक को लिखा कि”मेरे बच्चों से दूर रहो फेसबुक और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार करो”|

मंत्री जेरेमी

गौरतलब है कि 30 जनवरी को 100 से ज़्यादा बाल स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फेसबुक से इस ऐप को बंद करने का आग्रह किया था. इस संबंध में फेसबुक के सीईओ मार्क ज़करबर्ग को लिखे खुले पत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि ये बच्चे सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट बनाने के लिए तैयार नहीं हैं,और इससे बच्चों पर बहुत ही गलत प्रभाव पड़ रहा है|

मीडिया

दोस्तों यह बात थी मैसेंजर किड्स की,अगर आपको भी कभी फेसबुक की वजह से किसी परेशानी के सामना किया है तो आप नीचे कमेंट के ज़रिये हमें जरूर बताएं|