बाबरी मस्जिद ढहाने वाला ‘हिन्दू’ अब ‘मुस्लिम’ बन गया है, जानिए उसने सालों बाद क्यों किया ऐसा?

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नई दिल्ली – सालों पहले बाबरी मस्जिद गिराने में सबसे आगे रहने वाले हरियाण प्रदेश के पूर्व भाजपा महासचिव बलबीर सिंह ने कहा है कि बाबरी मस्जिद को गिराना बीजेपी और उनकी सबसे बड़ी भूल थी। हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान बलबीर ने कहा कि भाजपा भी बाबरी मस्जिद को गिराना नहीं चाहती थी, बल्कि वह इस मुद्दे को गर्म कर केन्द्र में आना चाहती थी। यही नहीं बलबीर सिंह ने बाबारी मस्जिद गिराने में शामिल होने के कारण पश्चाताप के तौर पर अपना धर्म परिवर्तन करते हुए मुस्लिम घर्म अपना लिया है और अपना नाम मुहम्मद आमिर रख लिया है।

बलबीर सिंह बाबारी मस्जिद गिराये जाने के समय बीजेपी कार्यकर्ता और कार सेवक थे जिन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराने में अहम भूमिका निभाई की। आज उन्होंने अपना धर्म परिवर्तन करके खुद का नाम मोहम्मद आमिर रख लिया है और अब उनका लक्ष्य 100 मस्जिदों की मरम्मत और पुनर्निर्माण करना है। इसके जरिए वो पश्चाताप करना चाहते हैं। करीब पच्चीस साल पहले मोहम्मद आमिर जो उस वक्त बलबीर सिंह हुआ करते थे। उनका जीवन कार सेवकों के साथ गुजरता था। बलबीर वो हैं जिन्होंने बाबरी मस्जिद के गुंबद पर पहल हथौड़ा मारा था। बाल ठाकरे ने बलबीर को इसके बाद शेर का नाम दिया था।

लेकिन, एक वक्त बाबरी मस्ज़िद के विध्वंस में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने वाले बलबीर देश-भर में मस्ज़िद बनाते और उनकी देखरेख का कार्य कर रहे हैं। हाला ही में इंटरव्यू के दौरान बलबीर ने कहा – ‘मैंने अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण कराने की प्रतिज्ञा ली थी, लेकिन अब मुझे पश्चाताप हो रहा है और मैं 100 मस्जिदों का नवीनीकरण करके हमना पाप धो रहा हूँ।’ हैरानी की बात है कि एक व्कत बलबीर शिव सेना का एक नेता और नियमित रुप से आरएसएस शाखा में जाने वाला व्यक्ति था। लेकिन, आज बलबीर ने अपना नाम बदलकर मुहम्मद आमिर कर लिया है और देश भर में मस्जिदों के निर्माण, मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य कर रहा है।

आपको बता दें कि पानीपत के रहने वाले बलबीर पहले कारसेवकों में से वो एक थे और 06 दिसंबर को बाबारी मस्जिद के बीच वाले गुंबद में चढ़ने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। बलबीर ने सोनीपत और पानीपत के कई अन्य कार-सेवकों के साथ गुंबद पर सबसे पहले कुदाल और गैती से वार किया था। बलबीर के मुताबिक, इसके कुछ दिनों बाद उन्हें इस बात का पश्चाताप हुआ और मुझे बाद में मुझे एहसास हुआ कि यह गलत था। बलबीर सिंह के मुताबिक उन्होंने बाबरी मस्जिद को तोड़कर कानून अपने हाथ में ले लिया था और भारत के संविधान का उल्लंघन किया था।

इसी कारण उन्होंने इस्लाम अपना लिया। आमिर आज एक मुसलमान महिला से शादी कर चुके हैं और अपने सहयोगी योगेन्द्र पाल के साथ अब तक 90 मस्जिदों का निर्माण भी करा चुके हैं। आपको बता दें कि बाबरी मस्जिद का विवाद उस वक्त शुरु हुआ जब अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए प्रयास शुरु किये गए। हिन्दू पक्ष ने यह दावा किया कि अयोध्या में विवादित जगह भगवान राम का जन्म स्थान है। जिसे बाबर के सेनापति मीर बाकी ने 1530 में गिरा कर वहां मस्ज़िद बनावाई थी। साल दिसंबर 1949 में मस्जिद के ही अंदर राम और सीता की मूर्तियां स्थापित कि गई और अब यह मामला कोर्ट में चल रहा है।

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