भारतीय क्रिकेट टीम के ख़िलाड़ी जसप्रीत बुमराह बायोग्राफी

0
92
Jasprit Bumrah Biography - Udta Social Official

जसप्रीत बुमराह का पूरा नाम जसप्रीत जसबीर सिंह बुमराह है। जसप्रीत का जन्म 6 दिसंबर 1993 को अहमदाबाद में एक पंजाबी परिवार में हुआ।

 

जसप्रीत बुमराह का करियर – Jasprit Bumrah Career

जसप्रीत बुमराह ने अपने गेंदबाजी के करियर की शुरुवात गुजरात के 19 साल के निचे के संघ के साथ की थी। 2013 में मुंबई इंडियन्स के साथ अपने आई पी एल के करियर की शुरुवात की थी। इनके गेंदबाजी में बहुत हद तक गति और अच्छी स्विंग भी देखने को मिली।

बुमराह अपना प्रथम श्रेणी का क्रिकेट 2013-14 में विदर्भ के खिलाफ गुजरात के संघ से खेले है। उस मुकाबले में बुमराह ने 7 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। आखिरकार उस प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाडी बने।

आई पी एल 6 में वो थोड़े से ही मुकाबले खेले लेकिन उनके शानदार प्रदर्शन की वजह से मुंबई इंडियन्स प्रबंधन को उन्हें फिर से आई पी एल 7 में खरीदने के लिए आश्वस्त किया।

19 वर्षीय बुमराह आई पी एल के पहले ही मैच में तत्काल सबकी नजरो में आ गए क्यु की उस मैच में उन्होंने बंगलौर के खिलाफ केवल 32 रन देकर 3 विकेट लिए थे। अपने पहले ही मुकाबले में 3 विकेट लेने वाले वो दुसरे खिलाडी बने।

इस किशोर युवक को मुंबई इंडियन्स ने आई पी एल के 6 वे संस्करण के लिए 2013 में 10 प्रथम श्रेणी के मुकाबले खेलने के लिए अनुबंधित किया था।

बुमराह जो की दाए हाथ के मध्यम गति के गुजरात के गेंदबाज है, अपना पहला टी 20 मुकाबला 2012-13 की मोहित कुमार ट्राफी में महाराष्ट्र के खिलाफ खेले थे।

इस मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करके अपने संघ को जीत दिलायी और उन्हें मैन ऑफ़ द मैच घोषित किया गया। 3/14 के इनके आकडे पंजाब के खिलाफ अंतिम मैच में जीत दिलाने के लिए महत्वपूर्ण थे।

इस युवा खिलाडी को आकर्षक आई पी एल का अनुबंध सौपा गया और मुंबई ने इस खिलाडी का पहले मुकाबले में एक ख़ुफ़िया हतियार के रूप में इस्तेमाल किया।

27 जनवरी 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बुमराह ने अपना पहला टी 20 मुकाबला खेला। सही समय पर योर्केर्स गेंद डालना और आखिरी ओवेरो में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता के कारण ये जल्द ही लोगों के नजर में आ गए।

बुमराह की गेंदबाजी की कुछ अपरम्परागत शैली की वजह से बल्लेबाज को इनका सामना करने में काफ़ी तकलीफ होती है।

आखिरी ओवेरो में लगातार योर्केर्स गेंद डालने की क्षमता के कारण ये भारतीय संघ के लिए आखिरी ओवेरो में गेंदबाजी के नेता बन चुके है। जो पिच तेज गेंदबाजी को मदत दिलाती है ऐसे पिच पर बुमराह एक अलग गेंदबाज है।

अगस्त 2016 में दो टी 20 मेचो की श्रुंखला में वेस्ट इंडीज के खिलाफ इन्होने सबसे ज्यादा विकेट लिए और इसके साथ ही इन्होने एक साल में डर्क नन्नेस के नाम पर सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

जनवरी 2017 में इंग्लैंड जब 2016-17 भारत दौरे पर आया था तब दुसरे टी 20 मुकाबले में बुमराह ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होने अपने 4 ओवेरो में 20 रन देकर 2 विकेट लिए थे। आखिरी ओवर में गेंदबाजी करके 2 विकेट लिए तब उस ओवर में इंग्लैंड को जितने के लिए केवल 8 रन चाहिए थे।

उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच से सम्मानित किया गया।

 

Source: gyanipandit.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here