24 अक्तूबर 1984 को बंगाल के शक्तिगड़, सिलीगुड़ी में प्रशांत सहा और मैत्रयी सहा के यहाँ रिद्धिमान साहा का जन्म हुआ। एक मध्यम वर्ग परिवार से होने के बाद भी इन्होने अपने सपने को पूरा किया। उनके परिवार ने उनके करियर में उनका हमेशा साथ दिया।

रिद्धिमान साहा का करियर – Wriddhiman Saha Career

अपना प्रथम श्रेणी का क्रिकेट खेलने से पहले रिद्धिमान साहा 19 और 22 साल के निचे के संघ से खेलने की शुरुवात की।

जिस तरह से इन्होने अपने घरेलु क्रिकेट की शुरुवात काफ़ी निराशाजनक रही क्यु की पहली मैच में इन्हें खेलने का मौका ही नहीं मिला और दुसरे मैच में शुन्य पे आउट हुए थे।

हालाकि, उनका रणजी का पहला मुकाबला काफ़ी यादगार रहा जिसमे उन्होने शतक बनाया था। ये शतक बनाने के बाद अपने पहले मुकाबले में शतक बनाने वाले ये बंगाल के 15 वे खिलाडी बने।

इन्होने अपना अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था। इन मेचो में रिद्धिमान साहाको एक आरक्षित विकेट कीपर के रूप में दिनेश कार्तिक की जगह पर रखा गया था।

भारतीय संघ जब दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों में से गुजर रहा था तब 6 फरवरी 2010 को इन्हें मैच खेलने का मौका मिला।

पहले मैच में इन्होने शुन्य रन बनाए और लेकिन दुसरे मैच में 36 रन बनाए। 2014 के आई पी एल के अंतिम मैच में शतक बनाने के बाद बांग्लादेश में होनेवाली ओ डी आई श्रुंखला के लिए इन्हें चुना गया लेकिन प्रभाव दिखाने में असफल रहे।

ये एक सबसे अच्छे और सबसे समर्पित भारतीय क्रिकेटरों में से एक है जिन्होंने हमेशा जिस संघ के लिए खेल रहे हो उसके लिए अपना सर्वश्रेष्ट दिया।

आई पी एल के पहले 3 संस्करण में ये कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ़ से खेले और 2 संस्करण में चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ़ से खेले।

2014 में ये किंग्स एलेवेन पंजाब की ओर से खेले जहा इन्होने अंतिम मुकाबले में केवल 55 गेंदों में नाबाद 115 रन बनाए। किसी भी खिलाडी ने आई पी एल में बनाया हुआ यह पहला शतक था।

रिद्धिमान साहा अभी किंग्स एलेवेन पंजाब के लिए खेलते है लेकिन इससे पहले वो कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए काफ़ी शानदार प्रदर्शन कर चुके है।

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